प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी वर्तमान भारत के प्रबल ,सशक्त इच्छाशक्ति वाले ,मजबूत ,दृढ़ विचार धारा को लेकर चलने वाले प्रधानमंत्री है। मोदी जी स्वामी विवेकानंद जी के अनुयायी है जिस प्रकार स्वामी जी ने विदेशों में जाकर भारतीय आध्यात्मिकता और तत्व ज्ञान की अद्भुत भारत की आध्यात्यिमक उपलब्धियों पर बोलते समय स्वामी जी प्रखर वक्ता बन जाते थे . उसी प्रकार मोदी जी ने भी विदेशो में जाकर बताया कि हम गरीब देश है पर पीछे नही तथा सर्व पंथ समभाव को प्रस्तुत किया.
स्वामी जी का सम्बोधन भाइयों और बहनों था। शिकागो महाधर्म सभा में उन्होंने अपना भाषण अमरीकी भाइयों बहिनों से आरंभ किया मोदी जी भी इसी सम्बोधन का प्रयोग करते है।
स्वामी जी धारा प्रवाह तरह बोलते है मोदी जी भी बोलते है तो रूकते नही। स्वामी जी ने भारत को आध्यात्म में विश्व गुरु बना कर विश्व के सामने खड़ा कर दिया ,मोदी जी ने इस का अनुसरण कर भारत को अपनी एक पहचान दिलाने और विकास की और ले जाने का प्रयत्न जारी रखा है.
स्वामी जी युवाओं से कहते थे संंघर्ष करते रहो ,अविराम संघर्ष करते रहो ,स्वयं को प्रेम ,वफादारी और धैर्य सम्पन्न बनाये रखो। आत्मविश्वास को दृढ़ रखो भारत से प्रेम करो।
मोदी जी भी युवाओं को नव जागरण के लिए प्रोत्साहित करते हैं, कहते हैं कि नव सर्जन की क्रान्ति युवा ही ला सकते हैं ,ब्रांड इन्डिया की ओर बल दो। इस समय राष्ट्र को आत्मविश्वासी प्रधानमंत्री मिले है अत:हमें राष्ट्र व्यापी भावनाओं को लेकर मोदी जी का साथ दे न चाहिए ताकि देश विकास की चरम सीमा को छू लें.
मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले अपने भाषण में इंद्रधनुष के सात रंग जो भारत को चमकाते हैं उन सात रंगों की जो व्याख्या की थी आशा है रंगोंकी कीर्ति बढ़ेगीे और देश खुशहाल होगा.
मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले अपने भाषण में इंद्रधनुष के सात रंग जो भारत को चमकाते हैं उन सात रंगों की जो व्याख्या की थी आशा है रंगोंकी कीर्ति बढ़ेगीे और देश खुशहाल होगा.