संसद भी बन गई ,नई सरकार भी प्रधानमन्त्री मोदी जी के नाम से काम करने वाले और न करने वाले सभी जीत के संसद तक पहुँच गये जिस क्षेत्र जगह से ये जीत क़र आये है क्या ये अपने- अपने क्षेत्र को उसी तरह बना देंगे जैसे मोदी जी का बनारस जब कि मोदी जी के पास पूरे देश का भार है हमारी कार्य प्रणाली का विभाजन पहले एमपी ,फिर एम. एल. ए. पार्षद ,ग्राम पंचायत ये सभी एक क्षेत्र के लोगों का आपस में सही समन्वय हो तो काम सुचारू रूप से सही तरीके से हर जगह होगा अगर नेता देश की सेवा करना चाहते है तो तन ,मन जनता के धन का सही और मेह्नत के साथ उपयोग करे ताकि आने वाले पांच सालों में मोदी जी कि सरकार के अलावा कोई दूसरा विकल्प न हों ।