आप सभी लोगों को होली की मुबारक होली मंगलमय शुभ ,प्रगतिमय हो
होली की पावन बेला
में
रंग होली खूब मनाओ
एक दूजे के रंग में रंग जाओ
प्रेम भाव मधुरस बरसाओ।
आज डुबो दो मन का प्याला
भर लो गागर प्यार की
स्नेह सुधा रस बरसा दो
कर दो रंगों की फुहार।
रंग बसन्ती ,मन बसन्ती
उड़ाओ अबीर गुलाल
सतरंगी रंगों से भर लो
मन की गागर
छलका दो अनुराग
नारी का पत
पुरुष की पाग
एक दूजे के रंग में
रंग में रंग दो
हृदय से हृदय के
तारों को जोड़ो.
वाणी को वीणा से कर दो
झंकार
होली की इस पवन बेला
में
प्रेम सुधारस बरसा दो
तरु -तरु में पल्लव
आते
लता-लता कुसमित होती
धरा सुनहरी लगती
फागुन
नव यौवन ऐसे बरसे
जैसे मधुर फाग।
अवनि अंबर सब
मधुमय करदो
प्रेम सुधारस बरसाओ
होली की पावन बेला
में
रंग होली खूब मनाओ
ढोल बाजे ,मजीरा बाजे
बाजे शहनाई।
नर -नारी सब होली
खेले
बाजे मधुर मृदंग
मन से मन का मिलन हो
जीवन से जीवन जुड़ जाए
वाणी से सुर निकले वीणा के
ऐसे फागुन में फाग बरसे
हो जाए सब मधुलीन
उषा काल की सुनहरी विभा
संध्या की नभ लालिमा
पूणिमा की चाँदनी में
करो प्रगट मन के उद्गार
पिया मिलन की आस में
प्रेम सुमन रस बरसाओ
आज डुबो दो मन का प्याला
भर लो गागर प्यार की
जीवन के कण -कण को
मधुरस से मधुमय करदो
प्रेम सुधारस बरसा दो
होली की पावन बेला में
रंग होली खूब मनाओ.
आप सभी लोगों को होली की मुबारक होली मंगलमय शुभ ,प्रगतिमय हो
होली की पावन बेला
में
रंग होली खूब मनाओ
एक दूजे के रंग में रंग जाओ
प्रेम भाव मधुरस बरसाओ।
आज डुबो दो मन का प्याला
भर लो गागर प्यार की
स्नेह सुधा रस बरसा दो
कर दो रंगों की फुहार।
रंग बसन्ती ,मन बसन्ती
उड़ाओ अबीर गुलाल
सतरंगी रंगों से भर लो
मन की गागर
छलका दो अनुराग
नारी का पत
पुरुष की पाग
एक दूजे के रंग में
रंग में रंग दो
हृदय से हृदय के
तारों को जोड़ो.
वाणी को वीणा से कर दो
झंकार
होली की इस पवन बेला
में
प्रेम सुधारस बरसा दो
तरु -तरु में पल्लव
आते
लता-लता कुसमित होती
धरा सुनहरी लगती
फागुन
नव यौवन ऐसे बरसे
जैसे मधुर फाग।
अवनि अंबर सब
मधुमय करदो
प्रेम सुधारस बरसाओ
होली की पावन बेला
में
रंग होली खूब मनाओ
ढोल बाजे ,मजीरा बाजे
बाजे शहनाई।
नर -नारी सब होली
खेले
बाजे मधुर मृदंग
मन से मन का मिलन हो
जीवन से जीवन जुड़ जाए
वाणी से सुर निकले वीणा के
ऐसे फागुन में फाग बरसे
हो जाए सब मधुलीन
उषा काल की सुनहरी विभा
संध्या की नभ लालिमा
पूणिमा की चाँदनी में
करो प्रगट मन के उद्गार
पिया मिलन की आस में
प्रेम सुमन रस बरसाओ
आज डुबो दो मन का प्याला
भर लो गागर प्यार की
जीवन के कण -कण को
मधुरस से मधुमय करदो
प्रेम सुधारस बरसा दो
होली की पावन बेला में
रंग होली खूब मनाओ.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें