दिल्ली में दस फ़रवरी दोहजार पंद्रह को जो जनादेश आप पार्टी को मिला। वो हिंदुस्तान की राजनीति में परिवर्तन और नव क्रांति का जनता का व्यवस्था को पैगाम है। आप पार्टी और मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल जी को जीत की मुबारक व शुभकामनांए।
व्यवस्था को बदलना होगा
आदमी को आदमी से
जोड़ना होगा
अमीरी गरीबी की
खाई कोपाटना होगा
व्यवस्था को बदलना होगा
घंटो आदर्शो का बखान
मोहल्लों गलियों
स्कूल ,विद्यालयों
दीवारों स्टेशनों पर
बड़े -बड़े शब्द ,आदर्श वाक्य
लिखकर अब
जनता को गुमराह
व्यवस्था को
ढका नहींजा सकता
अब व्यवस्था को बदलना होगा
मांगना नहीं होगा
व्यवस्था को देना होगा
व्यक्ति का अधिकार
जीने का अधिकार
जो संसद में बैठे हे
पदों पर उन्हें
उतरना होगा
चलना होगा गली कूचे
साथ -साथ
व्यवस्था को बदलना होगा
असंख्य घोषणाएं
अस्वासनो का शब्दजाल
घोषणाओं का कड़वा स्वाद
पुरानी व्यवस्था को
टूटना होगा
यथार्थ में लौटना होगा
आदमी -को आदमी से जोड़ना होगा
व्यवस्था को बदलना होगा
आरोप -प्रत्यारोप से
हटना होगा
सत्ता की चाह के लिए
वादे नहीं
अग्नि में तपना होगा
व्यवस्था को बदलना होगा
जो अपने पास हे
उसे सहेजना होगा
मूल जरूरतों को
पूरा करना होगा
रोटी ,पानी ,भुखमरी
अमीरी गरीबी का
माप दंड बनाना होगा
नव विकास ,नई उपलब्धियों
के लिए
युवावों को जोड़ना होगा
व्यवस्था को बदलना होगा