आदि अनादि अछय
चिरन्तन हिमालय
हिमशिखरों के साथ
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
मेरी अविरल धारा
नित देती जीवन दान
गंगा यमुना कावेरी का
उद्गम स्थान "
मत बनो व्यवधान
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
हरी भरी हरियाली
भरी फल फूलों
से डाली _डाली
नित करते मधुपान
मनमोहक वसुंधरा का
मै परिधान
कहता सावधान सावधान
पहरुवे सावधान "
अविरल,अदृश्य
सुगंधित मन्द समीर
मन को कर देता चेतन
देता प्राण दान
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
कल_कल छल छल
करते प्रपात
उदित होता सुनहरा प्रभात
कलरव करते पछी नवजात
बसन्ती ऊर्जा से
भरे उधान
कहते सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
चिरन्तन हिमालय
हिमशिखरों के साथ
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
मेरी अविरल धारा
नित देती जीवन दान
गंगा यमुना कावेरी का
उद्गम स्थान "
मत बनो व्यवधान
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
हरी भरी हरियाली
भरी फल फूलों
से डाली _डाली
नित करते मधुपान
मनमोहक वसुंधरा का
मै परिधान
कहता सावधान सावधान
पहरुवे सावधान "
अविरल,अदृश्य
सुगंधित मन्द समीर
मन को कर देता चेतन
देता प्राण दान
कहता सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
कल_कल छल छल
करते प्रपात
उदित होता सुनहरा प्रभात
कलरव करते पछी नवजात
बसन्ती ऊर्जा से
भरे उधान
कहते सावधान _सावधान
पहरुवे सावधान
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