उड़ी आतंकी हमले में शहीद जवानों को मेरा कोटि- कोटि प्रणाम भारत की सेना ने इस आतंक का जो मुहँ तोड़ जवाब दिया उनका में हार्दिक अभिनन्दन करती हूँ.
समय की पुकार
दुश्मन किसी समय
किसी भी पल
किसी भी छण
कर सकता प्रहार
समय की पुकार
संकल्प करो ,दृढ़ संकल्प
जान जाए पर आन न जाए
बन जाओ
सन सत्तावन की तलवार
दुश्मन कभी भी
कर सकता प्रहार
समय की पुकार .
बाहुबल 'बुद्धिबल
आत्मबल संजो लो
मत होने दो.
मानवता पर
दानवता का प्रहार
दुश्मन कभी भी
कर सकता वार
समय की पुकार
वीणा के तारों में भर दो
रण दुंदभि की झंकार
सीमाओं पर फैला दो
भय का कोहरा
बन जाओ फौलादी दीवार
समय की पुकार
जागो बन जाओ रणचंडी
पहन मुंड की माल
हा -हा कार मचा दो
सरहद के उस पार
दुश्मन कभी भी
कर सकता प्रहार
समय की पुकार .
उपरोक्त कविता युवाऔं के लिये है