बुधवार, फ़रवरी 24, 2010

क़फ़न की जेब नही होती

सुनो मेरे दोस्तों
                                                                 क़फ़न की जेब नही होती
कब तक भागोगे
कहाँ ले जाओगे
कब तक लूटोगे
सब कुछ धरा रह जायेगा
कुछ भी साथ नही जायेगा
जिन्दगी छोटी होती है
याद रखो कफन की जेब नही होती
कब तक स्विस  बैक भरोगे
कब तक घोटाले करोगे
कब तक सीमाए लाघोगे
जब हवा ही स्वच्छ न होगी
जी के क्या करोगे
जिन्दगी छोटी होतीहै
याद रखो कफन की जेब नही होती
जब नीला अम्बर ही नीला न होगा
हवा मे सुगंध ही न होगी
जल ही निर्मल न होगा
तब बैक का क्या होगा
मत अभिशाप बनो
आने वाली पीढ़ी के
जिन्दगी छोटी होती है ।
याद रखो कफन की जेब नही होती
क्षणिक सुख के लिए
कामना की प्रचंड अग्नि
को मत प्रज्वलित करो
देव भूमि  को मत
मरुभूमि  मे बदलो
अंधकार से बाहर निकलो
जीवन की परिभाषा जानो
याद रखो कफन की जेब नही होती
कब तक संकल्पों के
विकल्पों को ढूंढोगे
स्वच्छ आकाश निर्मल जल
सुगन्धित हवा देकर जाओ
आने वाली पीढ़ी को
स्विस  बैक नही
सब कुछ धरा रह जायेगा
कुछ भी साथ न जायेगा
जिन्दगी छोटी होती है
याद रखो कफन की जेब नही होती ...

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