गुरुवार, दिसंबर 31, 2020

स्वागत नव वर्ष

सभी दोस्तों मित्रों को नव वर्ष की हिर्दय हार्दिक शुभकामनायें

 उम्मीद और आशाओं सेस्वागत करें 2021 का,
आशा ही जीवन है प्यार अनुभव सेविदा करें 2020 को,
अनुभूति का चिंतन करें
अनुभव ही जीवन है
सुख दुःख का मिश्रण
विसाद, तिरस्कार, वेदनाऐं
पीड़ा, व्यथा, दुविधायें
सब कुछ उलझा है
सुलझाना ही जीवन है,
जो बोया वही काटा
दोष 2020 का नहीं
अपना हीहै
हम ही हे
प्रकृति का असंतुलन
संतुलन ही जीवन है
मंथन करें
 क्या खोया क्या पाया
मानवता सिखा गया 
       आदमी आदमी से जुड़ गया  
       हिरदय केतारों को  झकझोर गया 
 
विणा के सुर भर गया 
इंसान इंसान के साथ 
जीना सीख गया 
   
भावनात्मक संबन्ध जुड़ने लगे
जुड़ना ही जीवन है
जीवन का आनन्द लें
प्रेम प्यार करुणा दया बांटे
दुआऐं जमा करें
जीवन में रंग भरें
रंगो से कल्पना
साकार हो उठती है
संयम और संकल्प रहे
बढ़ते रहे हम
चलती रहे जिंदगी

मंगलवार, दिसंबर 22, 2020

चिंतन

आओ घर बैठे सोचें
चिन्तन करें मंथन करें
अपने अंदर की
करुणा सहज सरल
दया भाव उदार
जो मानव की
मानवता की पहचान
कहां खो गई
तनिक चिन्तन करें
मंथन करे
संयम सहनशीलता
विनम्रता
जो मानव अस्तित्व
का आधार
कहां खो गया
आओ चिन्तन करें
मंथन करें
ये समय हे
राष्ट्र हित में
साधना तपस्या का
अंर्तमन विकसित करो
उज्ज्वल करो
आओ थोड़ा चिन्तन करें
मंथन करें
पथ कठिन है
हम एक है
राह उलझ गई है
तो सुलझ जाएगी
चिंताओं से परे
चेतनाओं से भरे
सहज होने का
आओ चिन्तन करें
मंथन करें
माना इस घड़ी में
कुछ खोया तो कुछ पाया है
सकारात्मक सोचो
प्रदूषण कम हुआ
मंद मधुर पवन
सांसों में मधुर
समीर का आगमन
आओ सोचे
चिंतन करें मंथन करें
कैसे सहभागी
बने  प्रकृति के
कैसे बचायें धरा के
इंद्रधनुषी रंग को
कोई नहीं आयेगा
हमें ही सहलाने होगें
एक दूसरे के ह्रदय की
दुख- सुख पीड़ा
हमें ही बचाने होगें
अपने संस्कार
अपनी संस्कृति
तनिक चिंतन करें
मंथन करें.