कान्हा आ जाओ
पक्ष विपक्ष में
पक्ष विपक्ष में
कौरवों की जमात
कहीं कंस
कहीं शकुनी
राजनीति उलझी पड़ी
बीच में जनता फंसी
द्रोणाचार्य युधिष्ठर
उलझे सत्ता मै
धृतराष्ट्र दुर्योधन
सब फंसे
एक भीष्म पितामह
क्या करें
कान्हा आ जाओ
महाभारत सुलझाया
भारत की
राजनीति सुलझा दो
नेताओं को
बंसी के स्वर दे दो
जनता के घावों को
चंदन कर दो
कदम्ब की
शीतल छाया फैला दो
भारत को मधुवन कर दो
मधुवन कर दो.
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