मंगलवार, नवंबर 11, 2014

कफ़न की जेब नहीं होती


सुनो मेरे दोस्तो

कफ़न की जेब नहीं होती

कब तक भागोगे

कहां ले जाओगे

कब तक लूटोगे

सब कुछ धरा रह जायेगा

कुछ भी साथ न जायेगा

जिन्दगी छोटी होती है

याद रखो

कफ़न की जेब नहीं होती

कब तक स्विस बैंक भरोगे

कब तक घोटाले करोगे

कब तक सीमाएं लांघोगे                                                                     जब हवा ही स्वच्छ न होगी

जी के क्या करोगे

जिंदगी छोटी होती है

याद रखो

कफ़न की जेब नही होती

नीला अंबर ही नीला न होगा

हवा में सुगन्ध ही न होगी

जल ही निर्मल न होगा

तब बैंक का क्या होगा

मत अभिशाप बनो

आने वाली पीढ़ी के लिए

जिंदगी छोटी होती है

याद रखो

कफ़न की जेब नही होती

क्षणिक सुख के लिए

कामना की प्रचण्ड अग्नि को

मत प्रज्वलित करो

देव भूमि को मत

मरुभूमि में बदलो

अंधकार से बाहर निकलो

जीवन की परिभाषा जानो

जिंदगी छोटी होती है

याद रखो

कफ़न की जेब नही होती

कब तक संकल्पों के

विकल्पों को ढूंढोगे

स्वच्छ आकाश ,निर्मल जल

सुगंधित हवा

देकर जाओ आने वाली पीढ़ी को

स्विस  बैंक नहीं

सब कुछ धरा रह जायेगा

कुछ भी साथ न जायेगा

जिंदगी छोटी होती है

याद रखो

कफ़न की जेब नही होती.



 

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