पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम एक महान वैज्ञानिक,एक मिसाइल मैन, एक कवि ,एक शिक्षक ,एक संगीत प्रेमी ,एक महान व्यक्तित्व न जाने क्या -क्या रंग अपने मेँ समेटे हुऐ थे. जिन्होंने जीवन भर काम ही काम किया और काम करते -करते चले गए हमने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया ऐसी महान आत्मा को मैं अपने भावों के श्रद्धा सुमन अर्पित करती हुए कोटि -कोटि बार प्रणाम करती हूँ.
भारत के इस महामानव को
शत -शत बार प्रणाम
तुम इस धरा पर
कई रंगो में विद्यमान
तन मन धन सब अर्पित कर
राष्ट्र को दे गए प्राण
बच्चों में नूतन स्वर भर
ज्ञान की धारा
धरा से चली गई
तुम जाते -जाते दे गए संदेश
तुम्हारा हर शेष
बन गया विशेष
तुम निरंतर चलते रहे
राष्ट्र की चेतना बन गए
तुम दृढ़ता वात्सल्य
भावनाओं से भरे हुए
प्रतीक बन कर रह गए
बोलते -बोलते स्वर लुप्त हो गए
वाणी का प्रवाह थम गया
तुम मौन हुए चले गए
प्रेरणा बन कर रह गए
हे महान आत्मा
तुम सृष्टि श्रेष्ठ बन गए.